संभल में राहुल गांधी का तीखा हमला: सत्ता पर सीधा वार, बोले— संविधान खतरे में, जनता त्रस्त

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

संभल में राहुल गांधी का तीखा हमला: सत्ता पर सीधा वार, बोले— संविधान खतरे में, जनता त्रस्त

कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और नफरत की राजनीति पर गरजे नेता प्रतिपक्ष, कहा— डर से नहीं, संविधान से चलेगा देश

संभल (उत्तर प्रदेश)।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संभल पहुंचकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर करारा प्रहार किया। तीखे तेवरों में राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में संविधान को कमजोर करने की साजिश हो रही है, लोकतंत्र पर हमला है और आम जनता—खासतौर पर युवा, किसान और गरीब—बदहाली झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सत्ता नफरत और भय के सहारे देश चलाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।

राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अपराध, दहशत और असुरक्षा के माहौल में आम आदमी जी रहा है। “आज सवाल पूछने वालों को दबाया जा रहा है, आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा है—यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही का संकेत है,” उन्होंने कहा।

संविधान पर हमला, जनता को बांटने की राजनीति
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संविधान की मूल भावना—समानता, धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे—को योजनाबद्ध तरीके से कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। “संविधान रहेगा तो देश बचेगा, संविधान कमजोर हुआ तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा,” उन्होंने दो टूक कहा।

बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने बेरोजगारी को देश की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों युवा डिग्रियां लेकर सड़कों पर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार के पास रोजगार का कोई ठोस रोडमैप नहीं है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, रसोई का बजट बिगड़ चुका है, फिर भी सरकार जमीनी हकीकत से आंखें मूंदे बैठी है।

किसानों की अनदेखी का आरोप
राहुल गांधी ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अन्नदाता आज सबसे ज्यादा उपेक्षित है। खाद, बीज और डीजल महंगे हो चुके हैं, लेकिन फसलों के दाम नहीं मिल रहे। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक किसान मजबूत नहीं होगा, देश मजबूत नहीं हो सकता।

सियासी संकेत और चुनावी मायने
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राहुल गांधी का संभल दौरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सियासी जमीन मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। उनके तीखे बयान सीधे तौर पर आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर दिए गए माने जा रहे हैं। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डर छोड़कर जनता के मुद्दों पर सड़क से संसद तक संघर्ष करें।

प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था सामान्य रहने की पुष्टि की।

कुल मिलाकर, संभल में राहुल गांधी का यह दौरा सत्ता के खिलाफ खुला ऐलान-ए-जंग साबित हुआ, जिसमें संविधान, लोकतंत्र और आम जनता के हक को केंद्र में रखकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया।

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