रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी
पिलखुवा में महिला की संदिग्ध मौत: शादी के आश्वासन पर शोषण का आरोप, अधिवक्ता पर मुकदमा
तलाक का मुकदमा लड़ रही महिला से खुद को पारिवारिक अधिवक्ता बताकर बनाए संबंध, बाद में शादी से इंकार; परिजनों ने मानसिक प्रताड़ना से मौत का लगाया आरोप, डीएनए व गर्भ जांच की मांग
पिलखुवा (हापुड़)।
एक नवंबर 2025 की सुबह पिलखुवा क्षेत्र में 39 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के भाई की तहरीर पर एक अधिवक्ता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने शादी का झांसा देकर शारीरिक व मानसिक शोषण, धोखे और अंततः मानसिक दबाव के चलते मौत का आरोप लगाया है।
जनपद बिजनौर के धामपुर क्षेत्र स्थित रानी बाग कॉलोनी निवासी साजन चौहान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि एक नवंबर की सुबह उसे विपिन नामक व्यक्ति का फोन आया, जिसमें उसकी बहन संगीता की मृत्यु की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही प्रार्थी ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को अवगत कराया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने संगीता को मृत पाया।
तलाक का मुकदमा, अधिवक्ता का भरोसा और शादी का वादा
दर्ज मुकदमे के अनुसार संगीता का अपने पति से तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान विपिन ने खुद को परिवार का अधिवक्ता बताते हुए संगीता का विश्वास जीता। आरोप है कि उसने तलाक की कार्रवाई पूरी कराने और बाद में संगीता से विवाह करने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे के आधार पर विपिन ने संगीता से शारीरिक संबंध बनाए।
परिजनों का आरोप है कि बाद में विपिन ने फोन पर शादी से साफ इंकार कर दिया। यह बात संगीता के लिए गहरा मानसिक आघात बन गई। लगातार मानसिक दबाव और भावनात्मक टूटन के कारण वह अवसाद में चली गई।
परिजनों को पहले ही दी थी जानकारी
परिवार का कहना है कि संगीता ने अपने भाई साजन चौहान और बड़ी बहन रंजीता को पहले ही विपिन के साथ बने संबंधों और शादी के वादे की जानकारी दे दी थी। तहरीर में यह भी उल्लेख है कि विपिन के मोबाइल नंबर से आई कॉल की रिकॉर्डिंग मौजूद है, जो आरोपों की पुष्टि करती है।
निष्पक्ष जांच की मांग, डीएनए और गर्भ जांच पर जोर
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रार्थी ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही डीएनए जांच और गर्भ जांच कराए जाने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तथ्य को दबाया न जा सके।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी तथ्यों, कॉल रिकॉर्डिंग, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी और सामाजिक सवाल
यह मामला न सिर्फ एक महिला की संदिग्ध मौत का है, बल्कि कानून के जानकार द्वारा भरोसे का कथित दुरुपयोग, शादी के नाम पर शोषण और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर सवाल भी खड़े करता है। अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या संगीता की मौत के पीछे मानसिक उत्पीड़न की कड़ी को कानूनी रूप से साबित किया जा सकेगा और दोषियों तक कानून का शिकंजा पहुंचेगा या नहीं।