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लोनी/ट्रॉनिका सिटी उद्योग क्षेत्र में अवैध बेसमेंट खुदाई: शासन को करोड़ों की हानि, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
लोनी । ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में “बेसमेंट निर्माण” की आड़ में लंबे समय से नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध खुदाई का खेल चल रहा है। बिना वैध अनुमति, बिना निर्धारित रेवेन्यू जमा किए और तय मानकों की खुलेआम अनदेखी कर गहराई तक बेसमेंट खोदे जा रहे हैं। इससे एक ओर जहां प्रदेश शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
खादर क्षेत्र में बेसमेंट का जोखिम
ट्रॉनिका सिटी का अधिकांश हिस्सा खादर क्षेत्र में आता है, जहां बहुत कम गहराई पर ही बालू/रेत निकल आती है। यह भूमि स्वभावतः बेसमेंट निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती। इसके बावजूद खनन विभाग द्वारा यहां बेसमेंट की अनुमति दिए जाने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यमुना नदी की नजदीकी के कारण भूजल स्तर भी ऊंचा है, जिससे खुदाई के दौरान पानी का तेजी से भरना आम बात है। बारिश के मौसम में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
बालू निकासी और अवैध खनन का मुनाफा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बेसमेंट खुदाई के दौरान निकलने वाली बालू/रेत को बाहर निकालकर खुले बाजार में बेचा जाता है, जिससे अवैध खनन के जरिए मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। यह गतिविधि केवल भवन नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीधे-सीधे खनन कानूनों और राजस्व व्यवस्था पर चोट है। रॉयल्टी और अन्य शुल्क जमा न होने से शासन को करोड़ों रुपये की संभावित हानि का अनुमान लगाया जा रहा है।
दो दशकों से बिना रोक-टोक
बताया जा रहा है कि यह सिलसिला कोई नया नहीं, बल्कि बीते दो दशकों से बिना प्रभावी रोक-टोक के चलता आ रहा है। बीच-बीच में हादसे भी सामने आए हैं—कहीं दीवार धंसने की घटनाएं, तो कहीं गड्ढों में पानी भरने से मजदूरों की जान पर बन आई। बावजूद इसके, न तो स्थायी समाधान निकाला गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई।
प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन विभाग और प्रशासन की लापरवाही—या कहें कि माफियाओं से कथित गठजोड़—के चलते यह पूरा तंत्र फल-फूल रहा है। नियमों के विपरीत परमिशन, स्थल निरीक्षण में ढिलाई और शिकायतों पर कार्रवाई का अभाव इस संदेह को और गहरा करता है।
सुरक्षा और पर्यावरण पर गंभीर असर
अवैध बेसमेंट खुदाई से आसपास की इमारतों की नींव कमजोर होने, सड़क धंसने और भूजल संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां मजदूरों और कर्मचारियों की आवाजाही अधिक रहती है, ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा जनहानि का कारण बन सकता है।
मांग: तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई
इस अति गंभीर मुद्दे पर शासन स्तर से उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है। खादर क्षेत्र में बेसमेंट निर्माण पर स्पष्ट नीति, दी गई अनुमतियों की पुनः समीक्षा, अवैध खनन से हुई राजस्व हानि की वसूली और दोषी अधिकारियों/ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई समय की मांग है। यदि अब भी आंखें मूंदी गईं, तो ट्रॉनिका सिटी में अगला हादसा केवल समय की बात होगा—जिसकी जिम्मेदारी सीधे-सीधे संबंधित विभागों पर तय होगी।
