सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ गोष्ठी, समस्याओं व अनुभवों पर हुआ मंथन

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जन वाणी न्यूज़ 

सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ गोष्ठी, समस्याओं व अनुभवों पर हुआ मंथन

गाजियाबाद । रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित अधिकारियों के सभागार में शुक्रवार को पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री असीम अरुण तथा पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद जे. रविन्दर गौड उपस्थित रहे।

गोष्ठी का उद्देश्य सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की समस्याओं को सुनना, उनके दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ उठाना तथा उनके सुझावों के आधार पर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।

स्वास्थ्य समस्याओं और चिकित्सा भुगतान का मुद्दा उठा

गोष्ठी के दौरान सेवानिवृत्त अधिकारियों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विशेष रूप से चिकित्सा व्यय के लंबित भुगतान पर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। इस पर आश्वस्त किया गया कि राज्य सरकार की पेंशन एवं कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बताया गया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी नकद रहित चिकित्सा योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्य सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना भुगतान के उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिलेगी।

अपराध नियंत्रण और सामुदायिक सहभागिता पर सुझाव

सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण, जनसहभागिता और पुलिस–जन संवाद से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इन अनुभवों को भविष्य की कार्ययोजनाओं में सम्मिलित करने पर बल दिया गया, जिससे कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सक्रिय एवं सकारात्मक जीवन पर बल

गोष्ठी में सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय एवं सकारात्मक जीवन अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। कहा गया कि सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि अनुभव साझा करने और समाज व विभाग के लिए मार्गदर्शन देने का नया अवसर है।

सेवानिवृत्त अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग, अपराध रोकथाम तथा सामाजिक जागरूकता जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जिससे समाज की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

अनुभव विभाग की सबसे बड़ी पूंजी

गोष्ठी में यह भी स्पष्ट किया गया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी अधिकारी पुलिस परिवार के अभिन्न अंग हैं। वर्षों की सेवा से अर्जित अनुभव पुलिस विभाग की शक्ति हैं और इनके सुझाव विभागीय कार्यक्षमता को और सुदृढ़ बनाएंगे।

100 से अधिक सेवानिवृत्त अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निवास कर रहे उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त 100 से अधिक राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी, पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल तथा पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन निमिष पाटील भी शामिल हुए।

यह गोष्ठी पुलिस परिवार के कल्याण, सम्मान और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आयोजन ने यह संदेश दिया कि पुलिस विभाग अपने सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ भी सतत संवाद और सहयोग बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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