रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
मेरठ में दलित महिला की हत्या से उबाल, बेटी के अपहरण का आरोप, गांव में तनाव—पुलिस तैनात
मेरठ। जनपद के एक गांव में दलित महिला की निर्मम हत्या और उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस अत्यंत संवेदनशील वारदात के बाद गांव में भारी तनाव व्याप्त है, वहीं आसपास के इलाकों में भी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। मृतका की पहचान दलित समुदाय की महिला के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पक्ष स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी एक दबंग कंपाउंडर पर दलित महिला की हत्या का गंभीर आरोप है। हत्या के बाद महिला की बेटी को जबरन उठा ले जाने की बात भी सामने आई है, जिससे मामला और अधिक संगीन हो गया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार सदमे में है और गांव में भय व आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
एम्बुलेंस में हंगामा, पोस्टमार्टम को लेकर विवाद
घटना के बाद जब महिला का शव एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया, तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ की और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पुलिस कार्रवाई पर भरोसा नहीं है और पहले आरोपियों की गिरफ्तारी व बेटी की बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम आवश्यक है, ताकि घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो सके।
परिजन बोले—न्याय से पहले अंतिम संस्कार नहीं
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी और बच्ची की सुरक्षित बरामदगी नहीं होती, तब तक वे शव को सौंपने के लिए तैयार नहीं हैं। परिवार ने आशंका जताई है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा सकता है।
कुछ आरोपी हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार
सूत्रों के अनुसार, पु



लिस ने मामले में नामजद किए गए आरोपियों में से कुछ बुजुर्ग परिजनों (दादा-दादी) को हिरासत में लिया है, जबकि महिला की हत्या और अपहरण के मुख्य आरोपी—मां, पिता और भाई—फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।
गांव छावनी में तब्दील, कई थानों की फोर्स तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आसपास के तीन थानों की पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस की भी तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़ने न पाए।
सियासत गरमाई
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
सपा विधायक अतुल प्रधान अस्पताल और गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक अन्याय का गंभीर मामला है।”
वहीं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की पार्टी ‘भीम आर्मी’ के कार्यकर्ता भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच निष्पक्ष व तेज़ी से की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की तलाश प्राथमिकता पर है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
स्थिति अब तक
महिला की हत्या की पुष्टि
बेटी के अपहरण का गंभीर आरोप
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
कुछ आरोपी हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक, प्रशासनिक और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन चुका है। आने वाले समय में पुलिस कार्रवाई और जांच की दिशा पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।
