मीरपुर हिंदू में डंपिंग ग्राउंड के खिलाफ हुंकार

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़ 

मीरपुर हिंदू में डंपिंग ग्राउंड के खिलाफ हुंकार

खादर क्षेत्र की पंचायत में ऐलान—किसी भी कीमत पर नहीं बनने देंगे कूड़ा निस्तारण प्लांट

लोनी (गाजियाबाद)। मीरपुर हिंदू गांव में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (डंपिंग ग्राउंड) के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में आज मीरपुर हिंदू गांव के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में खादर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों की एक विशाल पंचायत आयोजित की गई, जिसमें आसपास के गांवों से आए सैकड़ों गणमान्य ग्रामीणों, किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पंचायत का उद्देश्य डंपिंग ग्राउंड को लेकर आगे की रणनीति तय करना था।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह दिनों से मीरपुर हिंदू गांव में धरना प्रदर्शन जारी था, जिसमें नगर निगम गाजियाबाद द्वारा बनाए जा रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को किसी भी हाल में न बनने देने की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार को पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए धरनास्थल से किसानों को खदेड़ दिया, डंपिंग ग्राउंड के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों द्वारा लगाया गया ताला खुलवाया गया और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कई ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया गया।

इस कार्रवाई के विरोध में किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने देर रात तक ट्रॉनिका सिटी थाने परिसर में घंटों धरना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किए जाने के बाद ही धरना समाप्त हुआ। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज पंचायत बुलाकर एकजुट होकर अपना रुख और भी सख्त कर लिया।

“यह केवल जमीन का नहीं, जीवन का सवाल है”

पंचायत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डंपिंग ग्राउंड बनने से क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण फैलेगा, जिससे जल, वायु और मिट्टी जहरीली होगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने इसे आसपास के नागरिकों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने बिना किसी स्थलीय निरीक्षण और स्थानीय लोगों से संवाद किए यह फैसला लिया, जो पूरी तरह अव्यावहारिक और जनविरोधी है। पंचायत में यह भी कहा गया कि यदि सरकार को यह भूमि राष्ट्रहित में चाहिए, तो ग्रामीण उस पर डिग्री कॉलेज, अस्पताल या जनोपयोगी संस्थान बनाए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन शहरों की गंदगी अपने गांवों में झेलने को तैयार नहीं हैं।

पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा

पंचायत में शांतिपूर्वक विरोध कर रहे निहत्थे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज और अवैध हिरासत की एक स्वर में निंदा की गई। वक्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई को कायरतापूर्ण, मनमानी और दमनकारी बताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी, तो आंदोलन और व्यापक होगा।

अनिश्चितकालीन धरने का एलान

डंपिंग ग्राउंड के विरोध में जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 08 जनवरी 2026 को हुई इस पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक डंपिंग ग्राउंड को यहां से स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक सभी ग्रामवासी सांकेतिक रूप से अनिश्चितकालीन धरना देकर शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करेंगे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि कल से अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत होगी।

जनप्रतिनिधियों पर भी साधा निशाना

पंचायत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने अपने जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन की तीखी आलोचना की और कहा कि जनता के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

पंचायत में नीरज त्यागी पंचलोक, लीलू भगत, मामचंद त्यागी, सुभाष त्यागी, लीलू त्यागी, तेजराम मंडार, रामनरेश त्यागी, राजबीर त्यागी, गौरव त्यागी, मुकेश त्यागी, इरशाद, लोकेंद्र, रामकुमार, महेंद्र त्यागी, महेश त्यागी, पवन मंडार, सुबोध मंडार, बॉबी त्यागी, राजेंद्र बेसला, गोपी प्रधान, ब्रह्मसिंह प्रधान, श्याम चौहान, प्रमोद चौहान, मोनू त्यागी, अशोक सेवक, रविंद्र त्यागी, धनसिंह त्यागी, उमेश त्यागी, सुरेश त्यागी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

पंचायत की अध्यक्षता वेदु पंडित ने की, जबकि संचालन रविंद्र त्यागी ने किया।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेताया कि मीरपुर हिंदू और आसपास के गांवों की जमीन पर डंपिंग ग्राउंड बनाने की कोशिश को वे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए लंबा और निर्णायक आंदोलन ही क्यों न करना पड़े।

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