नन्हे कदम, ऐतिहासिक कीर्तिमान गाजियाबाद से अयोध्या तक स्केटिंग कर नंदिनी और युग ने रचा विश्व रिकॉर्ड

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़ 

नन्हे कदम, ऐतिहासिक कीर्तिमान

गाजियाबाद से अयोध्या तक स्केटिंग कर नंदिनी और युग ने रचा विश्व रिकॉर्ड

गाजियाबाद । जनपद की धरती ने एक बार फिर गर्व के साथ नन्हे सितारों की ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनकर नाम रोशन किया है। नन्हे स्केटर्स नंदिनी एवं युग, पुत्री एवं पुत्र  मुकिया मोहित गुर्जर, ने गाजियाबाद से अयोध्या तक लंबी और चुनौतीपूर्ण स्केटिंग यात्रा पूरी कर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया, जिसे इंफ्लुएंसर बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

अयोध्या में सम्मान, देशभर में सराहना

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अंतर्गत अयोध्या में आयोजित एक भव्य कथा कार्यक्रम स्थल पर इंफ्लुएंसर बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से नन्हे स्केटर्स को विधिवत सम्मानित किया गया। कम उम्र में अनुशासन, धैर्य और अदम्य साहस का परिचय देते हुए नंदिनी और युग ने यह सिद्ध कर दिया कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती।

गाजियाबाद आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद गाजियाबाद पहुंचने पर जिलाधिकारी  रविंद्र मांदड़ ने दोनों बच्चों को मेडल पहनाकर एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास और गर्व की चमक साफ दिखाई दी, वहीं उपस्थित लोगों ने तालियों की गूंज के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

खेलो इंडिया’ को मिल रही नई उड़ान

सम्मान समारोह के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ ने कहा कि

> “‘खेलो इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा खेल प्रतिभाओं को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि उभरते खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और देश का नाम रोशन कर सकें।”

 

मेहनत, जज्बा और संकल्प की मिसाल

नंदिनी और युग की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की जीवंत मिसाल है। इतनी कम उम्र में सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा स्केटिंग के माध्यम से पूरी करना उनके अद्वितीय साहस और निरंतर अभ्यास का प्रमाण है।

नन्हे खिलाड़ियों से मिली प्रेरणा

इन नन्हे मुन्ने खिलाड़ियों ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों, तो कोई भी दूरी बड़ी नहीं होती। उनकी सफलता आज जिले के बच्चों के लिए प्रेरणा की मशाल बन गई है, जो आने वाले समय में नई खेल प्रतिभाओं को जन्म देगी।

नंदिनी और युग की यह ऐतिहासिक यात्रा न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

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