रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
वारिस प्रमाण पत्र के नाम पर महिला से दुष्कर्म, लेखपाल पर गंभीर आरोप
तहसील कार्यालय बना शोषण का अड्डा, पीड़िता ने सहायक पुलिस आयुक्त से की शिकायत
मोदीनगर । भोजपुर थाना क्षेत्र से एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां वारिस प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर एक महिला के साथ शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता ने तहसील में तैनात लेखपाल पर दुष्कर्म करने और बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोप लगाए हैं। महिला ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत सहायक पुलिस आयुक्त को दी है।
पति की मृत्यु के बाद वारिस प्रमाण पत्र के लिए किया था आवेदन
पीड़िता भोजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी है। उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। पति की मृत्यु के बाद सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के लिए महिला ने वारिस प्रमाण पत्र बनवाने हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था। इसी आवेदन के बाद संबंधित क्षेत्र के लेखपाल ने महिला को तहसील स्थित अपने कार्यालय बुलाया।
खर्चे के नाम पर सौदेबाज़ी, शोषण की शुरुआत
महिला का आरोप है कि तहसील कार्यालय में लेखपाल ने उससे कहा कि वारिस प्रमाण पत्र बनने में खर्चा आएगा। जब महिला ने खर्चा देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल ने घिनौनी शर्त रख दी। उसने कहा कि यदि खर्चा नहीं देना चाहती हो तो उसे उसके साथ संबंध बनाने होंगे।
पांच अक्टूबर को तहसील परिसर में दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता के अनुसार पांच अक्टूबर को लेखपाल ने उसे तहसील परिसर स्थित अपने कार्यालय बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला का कहना है कि इसके बाद करीब दो महीने तक लेखपाल ने कई बार उसे बुलाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
वारिस प्रमाण पत्र पूछने पर फिर बनाई गलत नीयत
मंगलवार को महिला एक बार फिर लेखपाल के कार्यालय पहुंची और अपने वारिस प्रमाण पत्र की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। आरोप है कि इस दौरान लेखपाल ने फिर से शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की। इस बार महिला ने विरोध किया और कार्यालय में शोर मचा दिया।
शोर सुनकर जुटी भीड़, लेखपाल हुआ फरार
महिला के शोर मचाने पर तहसील परिसर में लोग एकत्र होने लगे। भीड़ जुटती देख लेखपाल मौके से फरार हो गया। इसके बाद महिला सीधे सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। शिकायत के आधार पर पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी तंत्र में बैठे जिम्मेदार पदों पर तैनात लोगों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय और सहायता की आस लेकर पहुंची एक विधवा महिला के साथ कथित रूप से तहसील कार्यालय जैसे सरकारी परिसर में किया गया शोषण प्रशासनिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया जा रहा है।
फिलहाल पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद है और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।