प्रतिबंधित कफ सीरप तस्करी का अंतर्राज्यीय गिरोह उजागर, फर्जी फर्म बनाकर 5 करोड़ की अवैध बिलिंग

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रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़

प्रतिबंधित कफ सीरप तस्करी का अंतर्राज्यीय गिरोह उजागर, फर्जी फर्म बनाकर 5 करोड़ की अवैध बिलिंग

स्वाट टीम और अपराध शाखा की कार्रवाई में एक और अभियुक्त गिरफ्तार, मनी को वैध बनाने का संगठित षड्यंत्र बेनकाब

गाजियाबाद । कमिश्नरेट पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सीरप की कालाबाजारी और तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। स्वाट टीम और अपराध शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस संगठित गिरोह से जुड़े एक और अभियुक्त को गिरफ्तार कर तस्करी, फर्जी बिलिंग और अवैध धन को वैध बनाने के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है।

पुलिस के अनुसार, दिनांक 3 और 4 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि में मुखबिर की सूचना पर मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में बरेली–गोरखपुर परिवहन गोदाम पर छापा मारा गया था। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद 4 ट्रकों से कुल 1150 पेटी प्रतिबंधित कफ सीरप बरामद की गई। इनमें 850 पेटी एस्कुफ कफ सीरप और 300 पेटी फेन्सीडिल कफ सीरप शामिल थीं, जिन्हें चुनों के बोरों के बीच छिपाकर रखा गया था। मौके से 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में थाना नन्दग्राम में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस के सामने चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि डीपी एंटरप्राइजेज नामक फर्म का वास्तविक अस्तित्व नहीं था और इसका उपयोग केवल कागजों पर अवैध धन को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। वर्ष 2024–25 के दौरान इस फर्म के नाम पर लगभग 5 करोड़ रुपये के कफ सीरप के बिल काटे गए, जबकि यह माल वास्तव में फर्म को कभी प्राप्त ही नहीं हुआ।

इसी कड़ी में 29 दिसंबर 2025 को स्वाट टीम और अपराध शाखा ने मुखबिर की सूचना पर हिण्डन विहार मेट्रो स्टेशन के पास से दीप प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि कमीशन के लालच में उसने अपने नाम से डीपी एंटरप्राइजेज का लाइसेंस पंजीकृत कराया था। इस फर्म का संचालन वास्तव में आरएस फार्मा और वन्या एंटरप्राइजेज के मालिक कर रहे थे, जो फर्जी बिलिंग के माध्यम से प्रतिबंधित कफ सीरप की तस्करी कर रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि कफ सीरप की आपूर्ति फर्म को न देकर रेल मार्ग के माध्यम से अवैध रूप से की जा रही थी। इसी तस्करी से जुड़ी एक बड़ी खेप 17 अक्तूबर 2025 को अगरतला, त्रिपुरा में पकड़ी गई थी, जिसके संबंध में वहां एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
दीप प्रकाश गुप्ता पुत्र पुत्तु लाल गुप्ता, निवासी लाइन पूरवा, थाना कोतवाली शहर, जनपद हरदोई, उम्र लगभग 50 वर्ष।

आपराधिक इतिहास:
अभियुक्त के विरुद्ध त्रिपुरा और गाजियाबाद में एनडीपीएस अधिनियम सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि इस अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है। मामले में तस्करी, अवैध धन के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जा रही है। पुलिस की यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर सख्त प्रहार के रूप में देखी जा रही है।

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