रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में अहम पहल
लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम-2013 पर गाजियाबाद में जागरूकता कार्यशाला
गाजियाबाद। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन गाजियाबाद एवं भागीरथ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 विषय पर विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सोमवार को भागीरथ पब्लिक स्कूल, सेक्टर-23 संजय नगर में आयोजित हुई, जिसमें शिक्षण संस्थानों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला में विधि सह परिवीक्षा अधिकारी लोकेन्द्र सिंह, लीगल एड डिफेन्स काउंसिल विचित्र वीर तथा स्थानीय समिति की सदस्य ऋचा बल्लभ ने अधिनियम के प्रावधानों, उद्देश्य एवं व्यवहारिक प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह कानून केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का सशक्त माध्यम है।
विधि सह परिवीक्षा अधिकारी लोकेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि अधिनियम के तहत स्थानीय समिति का गठन अत्यंत आवश्यक है, जो कार्यस्थल पर होने वाली किसी भी प्रकार की लैंगिक उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है, जिससे इसकी गंभीरता और महत्व स्वतः स्पष्ट होता है।
लीगल एड डिफेन्स काउंसिल विचित्र वीर ने कहा कि जिन संस्थानों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां स्थानीय समिति का गठन अनिवार्य है। ऐसा न करने पर संबंधित संस्थान पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। उन्होंने संस्थान प्रबंधन से अपील की कि वे कानून के अनुपालन के साथ-साथ महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दें।
स्थानीय समिति की सदस्य ऋचा बल्लभ ने बताया कि समिति को प्राप्त शिकायतों की जांच एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की गोपनीयता और सम्मान बनाए रखना समिति की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
कार्यशाला में संरक्षण अधिकारी सागर श्रीवास्तव, जितेन्द्र कुमार, भागीरथ पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल दीपा रावत, स्कूल के संचालक अमिताभ शुक्ला सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्यस्थल की आवश्यकता पर एकमत होकर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि महिलाओं का सम्मान केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि संवैधानिक और कानूनी अनिवार्यता भी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम न केवल कानून की जानकारी देते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सुरक्षित कार्य संस्कृति के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हैं।
