रविन्द्र बंसल प्रधान संपादक / जन वाणी न्यूज़
गाजियाबाद में बड़ा एनकाउंटर: अनिल दुजाना गैंग का 50 हजार का इनामी बलराम ढेर
रंगदारी व अपहरण के कई मामलों में वांछित अपराधी, 34 से अधिक मुकदमों में था नाम
गाजियाबाद। कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस ने शनिवार रात डासना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर व 50,000 रुपये के इनामी बदमाश बलराम पुत्र श्याम सिंह निवासी रोगन, थाना जहांगीराबाद, जनपद बुलन्दशहर को मुठभेड़ में मार गिराया। बलराम कुख्यात माफिया अनिल दुजाना गैंग का सक्रिय सदस्य और उसकी मौत के बाद गैंग की कमान संभाल रहा था।
रंगदारी और अपहरण से दहशत
पुलिस के अनुसार बलराम थाना मसूरी, सिहानीगेट और कविनगर क्षेत्र के व्यापारियों से लगातार रंगदारी मांग रहा था।
09 जुलाई 2025 को गाजियाबाद के एक ट्रांसपोर्टर से बलराम ने व्हाट्सऐप कॉल कर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। न देने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
13 जुलाई 2025 को 8–10 हथियारबंद बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर का अपहरण कर उसे दुजाना गांव में बंधक बनाया और 2 लाख रुपये व 15 तोले के गहने लेकर छोड़ा।
17 सितम्बर 2025 को सिहानीगेट क्षेत्र के एक मिष्ठान व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
इसी दिन कविनगर थाना क्षेत्र में लोहमंडी के एक व्यापारी से 25 लाख रुपये की मांग की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
इन घटनाओं पर थाना मसूरी, सिहानीगेट और कविनगर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गईं।
पुलिस कमिश्नरेट ने बनाया विशेष प्लान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त गाजियाबाद ने अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के नेतृत्व में स्वाट टीम और क्राइम ब्रांच को लगाया। तकनीकी निगरानी व साक्ष्यों से पुष्टि हुई कि सभी कॉल बलराम द्वारा की जा रही थीं। बलराम पर पहले से हत्या, रंगदारी, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे और वह थाना जहांगीराबाद का मजारिया हिस्ट्रीशीटर (क्रमांक 103A) था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
दिनांक 20 सितंबर 2025 की शाम मुखबिर ने सूचना दी कि बलराम अपने साथियों के साथ ग्रे रंग की बलेनो कार (दिल्ली नंबर) से डासना क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा है।
पुलिस ने डासना रघुनाथपुर रोड पर घेराबंदी की।
करीब रात 7:50 बजे पुलिस ने कार रोकने का इशारा किया तो बदमाशों ने उतरते ही फायरिंग शुरू कर दी।
बदमाशों की गोली अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) पीयूष सिंह, स्वाट प्रभारी निरीक्षक अनिल राजपूत के बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जबकि अन्य तीन पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए।
आत्मरक्षार्थ पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें बलराम गोली लगने से घायल हुआ और अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश व कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस ने मौके से ग्रे रंग की बलेनो कार, चीन निर्मित .30 बोर पिस्टल, .45 बोर रिवाल्वर, एक अन्य पिस्टल, 09 जिंदा कारतूस, 22 खोखे, बीपी जैकेट, मोबाइल फोन और ₹10,350 नकदी बरामद की। मोबाइल फोन से तीनों घटनाओं में की गई व्हाट्सऐप कॉल की पुष्टि हुई।
बलराम का आपराधिक इतिहास
बलराम पर 1997 से 2025 तक कुल 34 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या (302), लूट (392), डकैती (395, 397), रंगदारी (386), गैंगस्टर एक्ट, गुण्डा एक्ट और आर्म्स एक्ट के कई मामले शामिल थे। वह अलीगढ़, बुलन्दशहर, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जनपदों में सक्रिय था।
पुलिस अधिकारियों का बयान
> “कुख्यात अपराधी बलराम की मौत से गाजियाबाद-नोएडा क्षेत्र में रंगदारी और गैंगस्टर गतिविधियों का सफाया होगा। पुलिस किसी भी कीमत पर व्यापारियों और आम जनता को आतंक के साये में नहीं जीने देगी।”
आगे की कार्रवाई
थाना वेव सिटी पर इस मुठभेड़ के संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
